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Sindhu Border:शर्मनाक : सीखो के समूह ने सिंधु बॉर्डर पर किया युवक का सरेआम क़त्ल

अखिल भारतीय खटीक समाज, अखिल भारतीय बेरवा विकास संघ, धनक कल्याण संघ और दलित कर्मचारियों और पेशेवरों के अन्य संगठनों समेत 15 दलित सगंठनों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला को ज्ञापन सौंपा
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Gaurav Kushwaha
Published: 2021-10-16 14:29:28
हरियाणा की सीमा पर सिंघु स्थित किसानों के प्रदर्शन स्थल के नजदीक एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या किए जाने के मामले में करीब 15 दलित संगठनों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को एक ज्ञापन सौंपा और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।

पंजाब के तरन तारन जिले के निवासी लखबीर सिंह (35) का पुलिस बैरीकेड से बंधा शव उस मंच के पास मिला जिसे दस महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तैयार कर रखा है। उसके शरीर पर धारदार हथियार के वार से बने करीब 10 निशान थे। इस घटना के लिए निहंगों के एक समूह को जिम्मेदार बताया जा रहा है।



 
अखिल भारतीय खटीक समाज, अखिल भारतीय बेरवा विकास संघ, धनक कल्याण संघ और दलित कर्मचारियों और पेशेवरों के अन्य संगठनों समेत 15 दलित सगंठनों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आयोग से इस मामले की निष्पक्ष जांच होने और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने की मांग की। राजनीतिक पार्टियों ने इस घटना की निंदा की और व्यापक जांच की मांग की। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि यह घटना ‘यह ‘उद्घाटित’ करती है कि अराजकतावादी खुद को किसान नेता बता रहे हैं।’

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने शुक्रवार को हरियाणा पुलिस को किसान प्रदर्शन स्थल पर दलित व्यक्ति की हत्या के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सांपला ने हरियाणा पुलिस से 24 घंटे के भीतर प्राथमिक रिपोर्ट भी मांगी है।

सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हो रहे एक वीडियो क्लिप में कुछ निहंगों को जमीन पर खून से लथपथ पड़े एक व्यक्ति के पास खड़े हुए देखा गया है और उसका बायां हाथ कटा हुआ पड़ा है। निहंगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मृतक ने सिखों की पवित्र पुस्तक की बेअदबी की है। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली से लगती सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों की शीर्ष इकाई संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बताया कि इस नृशंस हत्या की जिम्मेदारी निहंगों के समूह ने ली है। उनका दावा है कि लखबीर ने सिखों की पवित्र किताब की बेअदबी करने की कोशिश की थी।

कौन होते हैं निहंग...?

सिख समुदाय में हथियार रखने वाले इस विशेष तबके को 'निहंग' कहा जाता है। ये योद्धाओं के रूप में विख्यात हैं। इनका इतिहास बहादुरी से भरा पड़ा है। लेकिन दिल्ली की 26 जनवरी हिंसा और अब सिंघु बॉर्डर पर कत्लेआम से इन्हें दूसरी निगाह से देखे जाने लगा है।


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