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Mainpuri:आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राष्ट्रीय महिला आयोग के समन्वय से "महिला विधिक जागरूकता शिविर" का आयोजन सरस्वती वन्दना और स्वागत गीत से किया गया
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Gaurav Kushwaha
Published: 2021-11-12 16:29:22
पीटीएन: मैनपुरी कुँ.आर.सी.महिला महाविद्यालय मैनपुरी में "आजादी का अमृत महोत्सव"के अन्तर्गत  "जिला विधिक सेवा प्राधिकरण" मैनपुरी के तत्वावधान में "राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राष्ट्रीय महिला आयोग के समन्वय से "महिला विधिक जागरूकता शिविर" का आयोजन  सरस्वती वन्दना और स्वागत गीत से किया गया।

जिसमें श्रीमती पूनम राजपूत, (अपर जनपद न्यायाधीश फैमिली लॉ, मैरिज एण्ड डिवोर्स,मेंटेनेंस आदि की जानकारी देते हुए कहा कि "भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था, हमारे कानून, योजनाओं के अन्तर्गत प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं के विकास को प्रमुखता प्रदान की गई है और हमारे संविधान के अनुच्छेद14 में कानून के समक्ष "समानता का अधिकार",अनुच्छेद 15 (1)में किसी भी व्यक्ति से धर्म, जाति,लिंग जन्मस्थान के नाम पर भेदभाव न होना, 15(3) में महिला और बच्चों के पक्ष में विशेष प्रावधान,अनुच्छेद 16में अवसर की समानता और अनुच्छेद 41,42,47,51, 294, 332,363,364,366,371
अनुच्छेद आदि की विशेष जानकारी दी। 

श्रीमती तरन्नुम खान ने(अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल (अमृत महोत्सव) ने भी जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं के संरक्षण के लिए अभी तक कई कानून बनाये गये हैं पर जागरूकता का अभाव है इसलिए  जागरूक बनें तभी महिलायें सशक्त व सक्षम होगी।

श्री सत्येन्द्र कुमार चौधरी (सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मैनपुरी) ने विधिक सेवा प्राधिकरण की संरचना एवं कार्य की विशेष जानकारी दी और  एडवोकेट श्रीमती बिन्दु यादव ने महिलाओं के मौलिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी।

संरक्षण अधिकारी श्रीमती अलका मिश्रा ने महिला सशक्तिकरण, महिला हेल्पलाइन न.,महिलाओं से संबंधित योजनाओं  की  विशेष जानकारी दी।स्वास्थ्य विभाग की श्रीमती सीमा शाक्य द्वारा महिला स्वास्थ्य से संबंधित विशेष जानकारी दी।

सुश्री आयुषी पाण्डेय ने भी कार्यस्थल आदि स्थानों पर महिला शोषण के प्रति जागरूकता व आदि अधिनियमों की जानकारी दी। महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉ.सुशीला त्यागी जी व प्राचार्या डॉ.शेफाली यादव जी ने कहा कि "हमें अपने मौलिक अधिकारों के साथ मौलिक कर्तव्यों का भी ध्यान रखना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ.अलका पाठक द्वारा किया गया । 

इस अवसर पर डॉ.कीर्ति , डॉ.रंजना, डॉ.विभा, डॉ.शिवानी, डॉ.भाग्यलक्ष्मी, रासेयो अधिकारी उत्तरा, स्वीप प्रभारी शिवा, प्रियंका, पारुल, महाविद्यालय कीसभीशिक्षक/शिक्षिकाए शैलेंद्र, दिवाकर गौरव, रामकुमार, अरूण आदि का विशेष सहयोग रहा ।

 



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