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कार्बन उत्सर्जन:कार्बन उत्सर्जन को रोकने के लिए किस दिशा में काम कर रहा है चीन?

Prime Today News | जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए चीन सहित विश्व के विभिन्न देश कोशिश में जुटे हैं। आज दुनिया के सामने कार्बन उत्सर्जन को कम करने, ऊर्जा के वैकल्पिक उपाय खोजने की चुनौती है।
Prime Today Desk
Published: 2021-12-04 15:32:19
Prime Today News | जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए चीन सहित विश्व के विभिन्न देश कोशिश में जुटे हैं। आज दुनिया के सामने कार्बन उत्सर्जन को कम करने, ऊर्जा के वैकल्पिक उपाय खोजने की चुनौती है। हाल ही इस बाबत ब्रिटेन के ग्लासगो में सम्मलेन आयोजित हुआ, जिसमें चीन ने भी अहम भागीदारी की। हाल के वर्षों में चीन की कोशिशों से लगता है कि वह कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए प्रतिबद्ध है। कुछ समय पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संयुक्त राष्ट्र में भाषण देते हुए नयी कोयला चालित परियोजनाएं न शुरू करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। इससे जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में चीन की गंभीरता का अंदाजा लगता है।

चीन अपने देश के भीतर ज्यादा कार्बन उत्सर्जन करने वाले क्षेत्रों व फैक्ट्रियों पर व्यापक नजर रख रहा है। हाल ही में इस बारे में केंद्रीय पर्यावरण निरीक्षण विभाग ने चार क्षेत्रों में नई जांच शुरू की है। इसका मकसद ऊर्जा खपत और उत्सर्जन के लिए प्रमुख रूप से जि़म्मेदार परियोजनाओं को रोकने के लिए व्यापक प्रयास करना है।

चीन के ये केंद्रीय निरीक्षक हेलोंगच्यांग, क्वेइचो, शानक्सी व निंगश्या स्वायत्त क्षेत्र में पहुंचे हैं। बताया जाता है कि ये अधिकारी उच्च ऊर्जा खपत और उत्सर्जन के साथ नई परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही यह भी पता लगाएंगे कि स्थानीय सरकारों ने साल 2016 से 2018 तक निरीक्षण के पिछले दौर के बाद मौजूदा परियोजनाओं में आवश्यकता से अधिक कटौती की है या नहीं।

उत्सर्जन के लिए प्रमुख रूप से जि़म्मेदार परियोजनाओं पर पाबंदी लगाने की शुरूआत पिछले साल सितंबर से हुई। क्योंकि चीन ने साल 2030 से पहले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के स्तर को चरम पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

हालांकि निरीक्षकों ने पिछले कुछ महीनों में 71 विशिष्ट मामलों का खुलासा किया है, जिनमें 11 उच्च ऊर्जा खपत और उत्सर्जन वाली परियोजनाएं शामिल हैं। निरीक्षकों ने गत जुलाई के महीने में जारी एक रिपोर्ट में कहा कि कुछ स्थानीय सरकारें और उनके विभाग हरित विकास पर ज्यादा जोर नहीं दे रहे हैं। इसके मद्देनजर केंद्रीय स्तर ये अधिकारी फिर से उक्त क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं।

इससे स्पष्ट होता है कि चीन कार्बन उत्सर्जन कम करने के बारे में अपनी जि़म्मेदारी समझता है। चीनी राष्ट्रपति शी भी जलवायु परिवर्तन के निपटारे के लिए आह्वान करते रहे हैं। जिसका परिणाम आने वाले वर्षों में दिख सकता है।
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