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Agra:सफाईकर्मी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद 10 लाख और नौकरी का मिला आश्वासन

बताया गया की पुलिस अरुण को 3:30 बजे रात को हालत बिगड़ने पर घर लेकर आई थी , लेकिन उसके बाद ही अरुण बेसुध हो गया और अस्पताल जाते हुए ही रास्ते में उसकी मौत हो गई ।
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Gaurav Kushwaha
Published: 2021-10-21 11:16:45
पीटीएन  : आगरा के जगदीशपुरा थाने के मालखाने से 25 लाख रुपयों की चोरी किए जाने के मामले में चोरी के शक पर हिरासत में लिए गए दलित युवक की मंगलवार रात को पुलिस लॉकअप में मौत हो गई। 

पुलिस युवक के पास से चोरी की गई रकम की बरामदगी के प्रयास में लगी हुई थी। जानकारी के मुताबिक थाने स्तर पर पुलिस कर्मियों ने बताया की अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। युवक सफाई कर्मी था , और थाने में सफाई का काम करता था। युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं। 

आगरा के जगदीशपुरा थाना में चोरी के मामले में पकड़े गए सफाई कर्मी अरुण कुमार की पुलिस हिरासत में मौत हो जाने के मामले के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां कमला देवी ने चीख चीख कर पुलिस वालो बार बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है । परिजनों ने बताया की पुलिस वालों ने चोरी का आरोप लगाते हुए पूरे परिवार को जबरन उठा लिया और सबको बहुत पीटा । अरुण कुमार इसमें शामिल कुछ  पुलिसवालों के नाम बता रहा था। नाम ना खुल जाए इसलिए उसे जान से मार दिया। मां ने कहा की हमे इंसाफ चाहिए जिसने भी बेटे को मारा है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

आरोप ये है की अरुण थाने में साफ सफाई का काम करता था उस चोरी होने के बाद से वो फरार हो गया लेकिन पुलिस ने उसे कही से ढूंढ लिया और फिर उसे इतना मारा की उसकी लॉकअप में ही यानी पुलिस अभिरक्षा में ही मौत हो गई । बताया गया की पुलिस अरुण को 3:30 बजे रात को हालत बिगड़ने पर घर लेकर आई थी , लेकिन उसके बाद ही अरुण बेसुध हो गया और अस्पताल जाते हुए ही रास्ते में उसकी मौत हो गई ।

पत्नी ने कहा जबरन पैसा लाने का बना रहे थे दबाव ।

मृतक की पत्नी सोनम ने भी कहा है कि महिला पुलिस ने उसकी तक पिटाई की। उनसे किसी भी हाल में पैसा लाने को पुलिस बराबर दबाव बना रही थी।वही महिला पुलिस कर्मियों के साथ कई पुरुष पुलिस वालो ने भी हमे पीटा। मृतक की बॉडी के पोस्टमार्टम होने के दौरान पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की गई।

अरुण थाने में साफ सफाई का काम करता था ।

अरुण की मौत के बाद वाल्मीकि समाज के लोग भी एकजुट होने लगे हैं। इससे बवाल की आशंका है। आसपास के जिलों से भी फोर्स को बुलाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मालखाना से 25 लाख रुपये की चोरी के मामले में शक के घेरे में आया सफाई कर्मचारी ताजगंज क्षेत्र में छिपा हुआ था। उसने पुलिस से बचने के लिए अपना सिर मुंडवा लिया था। मंगलवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की टीम उससे पूछताछ कर रही थी। 

मामला बढ़ा तो मिला 10 लाख मुवावजा 

पुलिस की लापरवाही और निष्क्रियता के चलते ही थाने के मालखाने से 25 लाख की नकदी ले चोर उड़ गए और मुहर्रिर समेत अन्य सोते रहे जिसके बाद चोरी के शक में सफाई कर्मी अरुण को पकड़ा गया और उसने इतना पीटा की उसकी कस्टडी में ही मौत हो गई । मामले ने तूल पकड़ा और कई दलित संगठन सड़को पर आने को अमादा हो गए जिसके बाद  मृतक अरुण की पत्नी को राजनेताओं और पुलिसिया अफसरों ने महज 10 लाख की चेक देकर रवाना कर दिया । साथ ही नगर निगम में परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात भी कही गई है ।
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