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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: क्या स्कॉर्पियो के लालच में बिक गए पंचायत सदस्य ?

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में प्रदेश के 65 जिलों में भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष बने हैं

कैसे हुआ इतना बड़ा खेल ? स्कॉर्पियो और निर्दलीय सदस्यों का संगम ले डूबा सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावों में BJP को टक्कर देने का सपना ?

समाजवादी पार्टी (Samajvadi Party) के 14 जिला पंचायत अध्यक्ष अपना पर्चा भाजपा Bjp की गुंडई के सामने दाखिल नहीं कर पाए इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilkesh Yadav) का गुस्सा भड़का और उन्होंने 14 जिलों के जिला अध्यक्षों की कुर्सी उनसे खींच ली

पीटीएन: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 3050 जिला पंचायत सदस्य बने थे जिनमें ज्यादातर किसी पार्टी से ना होते हुए निर्दलीय थे तो वही सपा के 747 सदस्य थे भारतीय जनता पार्टी के 666 साथ ही बसपा के 322 सदस्य और कांग्रेस के महज 77 सदस्य जीतकर सामने आए थे लगा था कि जैसे समाजवादी पार्टी अभी से सत्तासीन पार्टी को कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर चुकी है बावजूद इसके जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में प्रदेश के 65 जिलों में भारतीय जनता पार्टी Bhartiy Janta Party के जिला पंचायत अध्यक्ष बने हैं, सपा को महज पांच जिला पंचायत अध्यक्ष मिले हैं तो क्या इन सदस्यों को भी भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के नेताओं ने कोई लालच दिया किसी तरह का दबाव डाला या फिर बात 2022 की की गई.

पूरे उत्तर प्रदेश में जिस तरह से कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी बैक फ्रंट पर नजर आ रही हैं उससे तो सिर्फ यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रदेश की राजनीति में सिर्फ सपा SP और भाजपा BJP ही आमने-सामने कड़ी टक्कर एक दूसरे को देने वाले लेकिन अगर आंकड़ों के बावजूद ज्यादातर सदस्य होने के बावजूद होने के बावजूद सपा अपने जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बना पाई तो यह बड़ा ही सोचने का विषय है

पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर बिक जाने का आरोप लगाया है

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आपने रोड में चलने वाली एक गाड़ी जिसे नेता और नेताओं का आइकॉन माना जाता है गाड़ी का नाम है स्कॉर्पियो Scorpio जरूर सुना होगा बस इसी को लेकर कार्यकर्ताओं ने अपने नेताओं पर पिटारा फोड़ दिया है सपा के नेताओं को सपा के सदस्यों को यही स्कॉर्पियो देने का वादा किया गया है जिसकी वजह से उन सदस्यों का वोट भी सत्तासीन पार्टी की तरफ चला गया ऐसा आरोप पार्टी के ही कार्यकर्ता लगा रहे हैं

उत्तर प्रदेश राजनीतिक हादसों का प्रदेश तो है ही साथ ही पूरे देश की राजनीति का एक बड़ा है भी है यहां पर रसूख सिस्टम और कानून को यहां के नेता अपने अंगूठे में बांधकर कुछ भी करवा सकते हैं आपने सुना होगा जिला पंचायत अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी करने के लिए पर्चा भरना बेहद जरूरी होता है लेकिन समाजवादी पार्टी के 14 जिला पंचायत अध्यक्ष अपना परिचय भाजपा की गुंडई के सामने दाखिल नहीं कर पाए इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव का गुस्सा भड़का और उन्होंने 14 जिलों के जिला अध्यक्षों की कुर्सी उनसे खींच ली

उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी ने भी इस बार जिला पंचायत सदस्यों को टिकट दिया था खैर खाता भी खुला और 64 जिला पंचायत सदस्य उसके खाते में चले गए साथ ही 1174 निर्दलीय सदस्य भी चुने गए थे अब गया तो साफ हो गया कि निर्दलीय ही कड़ी और टक्कर देने वाली भूमिका प्रदेश में निभाने वाले लेकिन सपा के सदस्य भाजपा के मुकाबले तो अधिक ही हैं फिर भी इन्हीं लोक लुभावनी स्कीमों के चक्कर में आकर सपा अपना कुनबा गवा बैठे अपने ही सदस्यों को संभालने में समाजवादी पार्टी के लोग कामयाब नहीं हुए भविष्य के लिए यह बेहद नुकसान दे साबित हो सकता है

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Gaurav Kushwaha

Mr. Gaurav Kushwaha crossing over 5 years of experience in this industry. Now He is the Editor-in-chief in Prime Today.

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