राजनीती

बसपा और आप के बाद अब ममता भी उतरी गुजरात की राजनीती में

News Desk | Mamata Banerjee | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष स्वयं को उनकी सबसे बड़ी विपक्षी नेता के तौर पर पेश किया और राजनितिक विश्लेषक भी इसे मानते है, की ममता बनर्जी, नरेन्द्र मोदी के सामने 2024 लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी के तौर पर उभरेंगी | ममता ने इसकी शुरुआत गुजरात विधानसभा चुनाव से करने की है |

दरअसल गुजरात में अब से डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, जिससे राजनीतिक परिदृश्य गर्म होता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में बसपा, एआईएमआईएम और हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवेश के बाद अब राज्य की राजनीति में प्रवेश करने की ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बारी है।

टीएमसी ने 21 जुलाई को देशभर में जाने की योजना का खुलासा किया था, जिसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शहीद दिवस के रूप में चिह्न्ति किया गया। टीएमसी सुप्रीमो द्वारा देशभर के शहरों और गांवों में प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर वर्चुअल संबोधन की योजना थी।

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गुजरात के संयोजक जितेंद्र कुमार खड़ायता ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया की, “मुझे राष्ट्रीय प्रवक्ता, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) सुखेंदु शेखर रे द्वारा आदेश दिया गया था, कि गुजरात के सभी जिलों के प्रमुख स्थानों में विशाल एलईडी स्क्रीन लगाकर लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से दीदी के भाषण के पर्याप्त प्रचार की व्यवस्था करें। इसके बाद हमने अहमदाबाद के इसानपुर में एक जगह एलईडी स्क्रीन पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था की थी, जहां हमारे नवगठित 7 से 8 एआईटीसी सदस्यों ने दीदी के भाषण को लाइव देखा।”

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की गोधरा इकाई के दो दशक पुराने कार्यकर्ता खड़ायता शनिवार को एआईटीसी में शामिल हो गए और बुधवार को टेलीफोन के निर्देशों के माध्यम से उन्हें राज्य संयोजक बनाया गया।

खड़ायता ने बताया की, “आज सुबह, सुखेंदु शेखर रे ने मुझे सूचित किया कि मुझे गुजरात की एआईटीसी इकाई के राज्य संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।”

एआईटीसी ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और शहीद दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करने की उनकी योजनाओं को दर्शाने के लिए राज्य पोस्टर लगाने वाली थी, जिसके बाद पार्टी ने अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में होर्डिग लगाए।

खड़यता ने बताया की, “अहमदाबाद पोस्टर होर्डिग अहमदाबाद के एक प्रमुख क्षेत्र गीता मंदिर में रखा गया था, लेकिन मुझे अभी मीडिया के माध्यम से पता चला है कि होर्डिग किसी ने हटा दी है। मैं केवल उस एजेंसी से पूछताछ कर रहा हूं, जिसके माध्यम से हमने ऑर्डर दिया था होर्डिग। सूरत और वडोदरा के होर्डिग अभी भी बरकरार हैं और मैं अपने राष्ट्रीय नेताओं को अहमदाबाद के होर्डिग को हटाने के बारे में भी सूचित करने जा रहा हूं।”

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